श्री राम आरती भगवान श्री राम की भक्ति और महिमा का गुणगान करने वाला एक दिव्य भजन है।
इसे भक्ति और प्रेम से गाने से भगवान राम का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है और उनकी आरती करने से भक्तों को आत्मिक शांति, सुरक्षा और सफलता मिलती है।
यह आरती भगवान राम के जीवन मूल्यों-धर्म, सत्य और कर्तव्य को अपनाने की प्रेरणा देती है।

श्री राम आरती
आरती कीजे श्रीरामलला की । पूण निपुण धनुवेद कला की ।।
धनुष वान कर सोहत नीके । शोभा कोटि मदन मद फीके ।।
सुभग सिंहासन आप बिराजैं । वाम भाग वैदेही राजैं ।।
कर जोरे रिपुहन हनुमाना । भरत लखन सेवत बिधि नाना ।।
शिव अज नारद गुन गन गावैं । निगम नेति कह पार न पावैं ।।
नाम प्रभाव सकल जग जानैं । शेष महेश गनेस बखानैं
भगत कामतरु पूरणकामा । दया क्षमा करुना गुन धामा ।।
सुग्रीवहुँ को कपिपति कीन्हा । राज विभीषन को प्रभु दीन्हा ।।
खेल खेल महु सिंधु बधाये । लोक सकल अनुपम यश छाये ।।
दुर्गम गढ़ लंका पति मारे । सुर नर मुनि सबके भय टारे ।।
देवन थापि सुजस विस्तारे । कोटिक दीन मलीन उधारे ।।
कपि केवट खग निसचर केरे । करि करुना दुःख दोष निवेरे ।।
देत सदा दासन्ह को माना । जगतपूज भे कपि हनुमाना ।।
आरत दीन सदा सत्कारे । तिहुपुर होत राम जयकारे ।।
कौसल्यादि सकल महतारी । दशरथ आदि भगत प्रभु झारी ।।
सुर नर मुनि प्रभु गुन गन गाई । आरति करत बहुत सुख पाई ।।
धूप दीप चन्दन नैवेदा । मन दृढ़ करि नहि कवनव भेदा ।।
राम लला की आरती गावै । राम कृपा अभिमत फल पावै ।।
यह भी पढ़े: श्री राम रक्षा स्त्रोत
राम जी की आरती का महत्व
राम जी की आरती का महत्व बहुत अधिक है।
इस आरती को करने से भगवान श्री राम का आशीर्वाद मिलता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
सत्य और धर्म के प्रतीक भगवान राम की आरती करने से जीवन में सकारात्मकता और मानसिक शांति आती है।
आरती के माध्यम से भक्त अपने आराध्य को धन्यवाद देते हैं और उनके प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करते हैं।
शास्त्रों के अनुसार नियमित रूप से श्री राम की आरती करने से पारिवारिक समस्याएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
यह आरती विशेष रूप से नवरात्रि, राम नवमी, कार्तिक मास और अन्य धार्मिक अवसरों पर की जाती है।
जो व्यक्ति प्रतिदिन भक्ति और प्रेम से राम की आरती करता है, उसके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
राम जी की आरती के विधि और नियम
राम जी की आरती करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें।
भगवान श्री राम की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं और उन्हें फूल, चंदन, अक्षत और प्रसाद अर्पित करें।
आरती के समय घी या कपूर का दीपक जलाकर श्री राम के सामने घुमाएं।
घंटी और शंख बजाकर आरती करें और भक्ति भाव से “श्री रामचंद्र कृपालु भज मन” या “जय जय राम” जैसे भजनों का संकीर्तन करें।
आरती समाप्त होने के बाद प्रसाद बांटें और भगवान को प्रणाम करें।
राम जी की आरती का सबसे शुभ समय शाम या सुबह का है, लेकिन इसे दिन में कभी भी किया जा सकता है।
अगर घर या मंदिर में प्रतिदिन आरती की जाए तो वहां का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक रहता है।
राम जी की आरती के लाभ
राम जी की आरती करने से जीवन में कई लाभ मिलते हैं।
यह आरती मानसिक शांति, आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है।
यह आरती उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है जो डर, चिंता या तनाव से ग्रस्त हैं।
श्री राम आरती करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और एकता बनी रहती है।
यह आरती व्यक्ति के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और उसे बुरी आदतों और नकारात्मक विचारों से बचाती है।
शास्त्रों में कहा गया है कि जो भक्त प्रतिदिन श्रद्धा और विश्वास के साथ श्री राम जी की आरती करता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे भगवान श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Frequently asked questions (FAQs)
- राम जी की आरती कितनी बार करनी चाहिए?
इसे प्रतिदिन सुबह और शाम करना बहुत शुभ माना जाता है।
- क्या किसी खास दिन राम जी की आरती करना अधिक लाभकारी होता है?
हां, मंगलवार, रविवार, राम नवमी और कार्तिक मास में इसका विशेष महत्व है।
- क्या महिलाएं भी राम जी की आरती कर सकती हैं?
जी हां, कोई भी व्यक्ति भक्ति और श्रद्धा के साथ श्री राम आरती कर सकता है।
- क्या घर में बिना मूर्ति के राम जी की आरती की जा सकती है?
हां, भगवान का ध्यान करके या उनकी तस्वीर के सामने आरती की जा सकती है।
- क्या राम जी की आरती करने से परिवार में शांति बनी रहती है?
हां, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और पारिवारिक कलह दूर होती है।
।।जय श्री राम।।
यह भी देखे: श्री राम चालीसा